Stock Exchange kya hota he | kya hai
स्टॉक एक्सचेंज एक ऐसा स्थान है जहां शेयरों की खरीद - बिक्री की जाती है| जब कोई भी कम्पनी पहली बार अपने शेयर लोगों के सामने खरीदने के लिए प्रस्तुत करती है तो उसे आई.पी.ओ IPO कहा जाता है| आई.पी.ओ के द्वारा शेयर खरीदने के बाद यदि निवेशक इन्ही शेयरों को अच्छी कीमत में बेचना चाहता है तो ऐसा उसे स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से ही करना होगा| अर्थात स्टॉक एक्सचेंज एक ऐसा स्थान है जहां IPO द्वारा निवेशकों को बेचे गए शेयरों की ट्रेडिंग व खरीद - बिक्री होती है|
किसी भी कम्पनी के शेयरों की ट्रेडिंग के लिए जरूरी है कि वह कम्पनी अपने आप को स्टॉक एक्सचेंज में रजिस्टर व सूचीबद्ध करे| जो जो कंपनियां स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होती हैं उनके शेयरों की ट्रेडिंग विभिन्न निवेशक ( संस्थागत व रिटेल निवेशक ) आपस में कर सकते हैं|
स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना इसलिए की गयी ताकि आम जनता तथा वित्तीय संस्थानों द्वारा शेयरों व सिक्योरिटीज की ट्रेडिंग का संचालन नियमानुसार हो सके| स्टॉक एक्सचेंज भारत सरकार द्वारा भी मान्यता प्राप्त है| इसे सिक्युरिटीज एन्ड कॉन्ट्रेक्ट ( रेगूलेशन ) ऐक्ट - 1956 के अंतर्गत मान्यता मिली हुई है|
यदि कोई निवेशक स्टॉक एक्सचेंज में शेयरों की ट्रेडिंग करना चाहता है तो उसे ऐसा ब्रोकर के माध्यम से करना होता है| ब्रोकर व दलाल स्टॉक एक्सचेंज के लाइसेंसधारी सदस्य होते हैं| ब्रोकर अपने क्लाइंट की सहमति से उनके लिए शेयरों की ट्रेडिंग करते हैं इसके लिए वे क्लाइंट से कमीशन व फीस भी लेते हैं| ट्रेडिंग के साथ साथ ब्रोकर अपने क्लाइंटों के पोर्टफोलियो को प्लान करते हैं, मैनेज करते हैं और निवेश संबंधी सलाह भी देते हैं|
स्टॉक एक्सचेंज एक ऐसा स्थान है जहां शेयरों की खरीद - बिक्री की जाती है| जब कोई भी कम्पनी पहली बार अपने शेयर लोगों के सामने खरीदने के लिए प्रस्तुत करती है तो उसे आई.पी.ओ IPO कहा जाता है| आई.पी.ओ के द्वारा शेयर खरीदने के बाद यदि निवेशक इन्ही शेयरों को अच्छी कीमत में बेचना चाहता है तो ऐसा उसे स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से ही करना होगा| अर्थात स्टॉक एक्सचेंज एक ऐसा स्थान है जहां IPO द्वारा निवेशकों को बेचे गए शेयरों की ट्रेडिंग व खरीद - बिक्री होती है|
किसी भी कम्पनी के शेयरों की ट्रेडिंग के लिए जरूरी है कि वह कम्पनी अपने आप को स्टॉक एक्सचेंज में रजिस्टर व सूचीबद्ध करे| जो जो कंपनियां स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होती हैं उनके शेयरों की ट्रेडिंग विभिन्न निवेशक ( संस्थागत व रिटेल निवेशक ) आपस में कर सकते हैं|
स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना इसलिए की गयी ताकि आम जनता तथा वित्तीय संस्थानों द्वारा शेयरों व सिक्योरिटीज की ट्रेडिंग का संचालन नियमानुसार हो सके| स्टॉक एक्सचेंज भारत सरकार द्वारा भी मान्यता प्राप्त है| इसे सिक्युरिटीज एन्ड कॉन्ट्रेक्ट ( रेगूलेशन ) ऐक्ट - 1956 के अंतर्गत मान्यता मिली हुई है|
यदि कोई निवेशक स्टॉक एक्सचेंज में शेयरों की ट्रेडिंग करना चाहता है तो उसे ऐसा ब्रोकर के माध्यम से करना होता है| ब्रोकर व दलाल स्टॉक एक्सचेंज के लाइसेंसधारी सदस्य होते हैं| ब्रोकर अपने क्लाइंट की सहमति से उनके लिए शेयरों की ट्रेडिंग करते हैं इसके लिए वे क्लाइंट से कमीशन व फीस भी लेते हैं| ट्रेडिंग के साथ साथ ब्रोकर अपने क्लाइंटों के पोर्टफोलियो को प्लान करते हैं, मैनेज करते हैं और निवेश संबंधी सलाह भी देते हैं|
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